गुरुकुल यज्ञशाला के प्रवक्ता एवं प्रबंधन, गणित के अध्यापक व लेखक तथा कंप्यूटर साइंस में बीसीए शिवनाथ यादव बच्चों के लिए एक ऐसी ''पल्लवी प्रिया ऑल-इन-वन'' पुस्तक लिख रहे हैं जो पूरे भारत में एक अजूबा एवं अद्भुत ज्ञान का भंडार होंगे-HaryanaTv1

 बच्चों के लिए नवचेतना का शैक्षिक ग्रंथ : “पल्लवी प्रिया ऑल-इन-वन” — भारतीय मूल्यों से जुड़ी एक अद्भुत पुस्तक...!


आर्ष गुरुकुल यज्ञशाला (बरौंदी–बरौंदा, जिला–कुरुक्षेत्र, हरियाणा) के प्रवक्ता एवं प्रबंधक, गणित (Mathematics) के अध्यापक, लेखक (Author) तथा कंप्यूटर साइंस (Computer Science) में बीसीए (BCA) डिग्रीधारी शिवनाथ यादव बच्चों के लिए एक ऐसी अनूठी एवं बहुआयामी पुस्तक “पल्लवी प्रिया ऑल-इन-वन (All-in-One) का लेखन कर रहे हैं, जो पूरे भारत में शिक्षा के क्षेत्र में एक अजूबा (Wonder) और अद्भुत ज्ञान का भंडार (Treasure of Knowledge) सिद्ध होगी।

यह पुस्तक परंपरागत शिक्षा पद्धति से हटकर बच्चों को भारतीय इतिहास (Indian History) , संस्कृति (Culture)विज्ञान (Science), गणित (Mathematics), खगोलशास्त्र (Astronomy) और देशभक्ति (Patriotism) से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है।

अ से अनार नहीं, भारत के सच्चे नायक

इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बच्चों को वही पुराने और यांत्रिक उदाहरण नहीं पढ़ाए जाएंगे, बल्कि—

अ से अनार नहीं, बल्कि भारत की महान वीरांगना अजीजन बाई (Azizan Bai – Freedom Fighter), आ से आम नहीं, बल्कि महान खगोलशास्त्री, वैज्ञानिक एवं गणितज्ञ आर्यभट्ट (Aryabhata – Astronomer & Mathematician), उ से उल्लू नहीं, बल्कि महान क्रांतिकारी उधम सिंह (Udham Singh – Revolutionary), क से कबूतर नहीं, बल्कि अनु (Atom) और परमाणु (Atomic Theory) के जनक महर्षि कणाद (Maharshi Kanad – Philosopher & Scientist), द से दर्पण नहीं, बल्कि महर्षि दयानन्द सरस्वती (Maharshi Dayanand Saraswati – Social Reformer), र से रथ नहीं, बल्कि राजीव दीक्षित (Rajiv Dixit – Social Thinker & Activist) जैसी महान भारतीय विभूतियों के जीवन, विचार और योगदान से बच्चों को परिचित कराया जाएगा।

 नई शिक्षा की अलख जगाने का प्रयास

यह पुस्तक आज की उस शिक्षा प्रणाली पर सकारात्मक प्रश्न खड़ा करती है, जहाँ बच्चे अपनी संस्कृति और महापुरुषों से धीरे-धीरे दूर होते जा रहे हैं।
“पल्लवी प्रिया ऑल-इन-वन” का उद्देश्य केवल अक्षर ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में—

राष्ट्रीय चेतना (National Consciousness), चरित्र निर्माण (Character Building),वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper), संस्कार (Values) का विकास करना है।

 गुरुकुल का मार्गदर्शन और सहयोग

इस महत्वपूर्ण शैक्षिक कार्य में लेखक, निर्देशक, व निर्माता शिवनाथ यादव को
आर्ष गुरुकुल यज्ञशाला के संस्थापक—

पूर्व न्यायमूर्ति (Justice) एवं लोकायुक्त प्रीतम पाल एवं माया प्रीतम का पूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।

गुरुकुल की वैदिक परंपरा (Vedic Tradition) और आधुनिक शिक्षा (Modern Education) का समन्वय इस पुस्तक की आत्मा है।

 मात्र मुद्रण लागत पर उपलब्ध- लेखक एवं प्रकाशन का यह स्पष्ट संकल्प है कि यह पुस्तक मुनाफे (Profit) के उद्देश्य से नहीं, बल्कि सेवा और शिक्षा (Education) के उद्देश्य से तैयार की जा रही है।                                    इसलिए यह पुस्तक आप सभी को मात्र मुद्रण लागत (Printing Cost) पर, बिना किसी अतिरिक्त शुल्क (No Extra Cost)के, शीघ्र ही उपलब्ध कराई जाएगी।

संपर्क विवरण

पुस्तक के संबंध में अधिक जानकारी अथवा अग्रिम बुकिंग (Advance Booking) हेतु आप सीधे संपर्क कर सकते हैं—पल्लवी प्रिया प्रकाशन (Pallavi Priya Prakashan)

📱 व्हाट्सएप (WhatsApp): 7250 6161 91
📧 ई-मेल (Email): pallavipriyaprakashan@gmail.com

— भावना कुमारी 
(हरियाणा टीवी–1 (Haryana TV-1), कुरुक्षेत्र, हरियाणा)



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